10:12 AM | Monday, March 4, 2024
lang logo

रीसेंट आर्टिकल्स

राजाजी नेशनल पार्क की सीमा से सटे सिद्धबली स्टोन क्रेशर को तत्काल बंद करने के निर्देश

Nainital News, 02 जनवरी (वार्ता) : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कथित रूप से राजाजी नेशनल पार्क के ईको सेंसटिव जोन में संचालित हो रहे सिद्धबली स्टोन क्रेशर के मामले में सोमवार को अहम निर्णय जारी करते हुए स्टोन क्रेशर को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को इस प्रकरण में तीन महीने में जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा है। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की युगलपीठ ने कोटद्वार के सिगड्डी निवासी देवेन्द्र सिंह अधिकारी की ओर से दायर जनहित याचिका पर आज निर्णय जारी किया।

Nainital News

पीठ ने पिछले साल 30 अगस्त को अंतिम सुनवाई के बाद इस मामले में निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने याचिकाकर्ता के तर्कों को सही मानते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया और राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को मामले की जांच कर तीन महीने में आवश्यक कदम उठाने को कहा है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने कहा कि पीठ ने तत्काल प्रभाव से स्टोन क्रेशर को बंद करने के निर्णय भी जारी कर दिये हैं। अदालत ने सरकार की ओर से स्टोन क्रेशरों के लाइसेंस जारी करने के मामले में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की सहमति नहीं लेने को भी गंभीर माना और अपने निर्णय में कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के मामले में पीसीबी शीर्ष संस्था है और उसको नजरअंदाज करना गलत है। पीठ ने संकेत दिया कि पीसीबी की अनुमति के बगैर संचालित होने वाले स्टोन क्रेशरों के संबंध में अदालत गंभीर कदम उठा सकती है।

- Advertisement -

सुनवाई के दौरान पीसीबी की ओर से कहा गया कि प्रदेश सरकार स्टोन क्रेशर को लाइसेंस जारी करने से पहले पीसीबी की सहमति नहीं लेती है। पीसीबी की ओर से यह भी कहा गया था कि प्रथम दृष्टया सिद्धबली स्टोन क्रेशर आरटीआर के ईको सेंसटिव जोन में स्थापित है। श्री मैनाली ने आगे कहा कि पीठ ने बोर्ड से पूछा है कि ईको सेंसटिव जोन में स्टोन क्रेशर संचालित हो सकता है या नहीं? उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता की ओर से 2020 में एक जनहित याचिका के माध्यम से इस मामले को चुनौती दी गयी थी। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि राजाजी नेशनल पार्क से सटे क्षेत्र में मानकों के विपरीत स्टोन क्रेशर संचालित किया जा रहा है। इस मामले में उच्चतम न्यायालय की गाइड लाइन का भी उल्लंघन किया गया है। इस मामले में कई दिनों तक चली मैराथन सुनवाई के बाद पीठ ने अगस्त अंत में निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

यह भी पढ़ें : संदीप सिंह इस्तीफा दें या मुख्यमंत्री पद से हटाएं: बीर दविंदर सिंह

- Advertisement -

रिलेटेड आर्टिकल्स

Latest Posts

जरुर पढ़ें

ईरान ने अमेरिका के 60 शीर्ष अधिकारियों को किया प्रतिबंधित

तेहरान 02 जनवरी (वार्ता) ईरान ने शीर्ष ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या में शामिल होने के आरोप में करीब 60 अमेरिकी अधिकारियों को...

ऑफलाइन नामांकन की अवधि दो दिसंबर तक बढ़ायी गयी

मुंबई, 01 दिसंबर (वार्ता): महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त यूपीएस मदान ने गुरुवार को कहा कि विभिन्न जिलों में ग्राम पंचायतों के सदस्यों के पदों के...

श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के प्रमुख ब्याज दरों में कमी के पक्ष में

कोलंबो 01 जनवरी (वार्ता): सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका (सीबीएसएल) के गवर्नर नंदलाल वीरासिंघे ने रविवार को कहा कि देश में प्रधान ब्याज दरों को...

नीतीश ने नालंदा के जदयू अध्यक्ष सियाशरण ठाकुर के निधन पर जताया शोक

JDU president, पटना (02 जनवरी): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिला के जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष सियाशरण ठाकुर के असामयिक निधन...

नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज, सुप्रीम कोर्ट का बहुमत का फैसला

नयी दिल्ली, 02 जनवरी (वार्ता) : उच्चतम न्यायालय ने 2016 की 'नोटबंदी' के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को बहुमत के...

संपर्क में रहे

सभी नवीनतम समाचारों, ऑफ़र और विशेष घोषणाओं से अपडेट रहने के लिए।

सबसे लोकप्रिय